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Tuesday, 1 November 2011

मायावती भी हैं एफ-वन की सफलता की हकदार

हाई-प्रोफाइल फार्मूला-वन के आयोजन को लेकर देश के साथ दुनिया की नजर उत्तर प्रदेश के नोयडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट की ओर थी। इस हाई-प्रोफाइल प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया, जिसके सामने देश की बाकी समस्यायें बेहद छोटी नजर आने लगीं। इस आयोजन को रोमांचकारी बनाने में देश के प्रतिष्ठित लोगों का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। कई अन्य क्रिकेटर्स के साथ सचिन तेंदुलकर पत्नी सहित उपस्थित ही नहीं रहे, बल्कि उन्होंने झंडी दिखा कर रेस का समापन भी किया। इसी तरह राजनेताओं के साथ बॉलीबुड के चर्चित सितारे भी रेस और पॉप सिंगर लेडी गागा को देखने पहुंचे, जिसका प्रिंट और इलैक्ट्रोनिक मीडिया ने बड़े ही अच्छे ढंग से कवरेज कर आम आदमी को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया कि उनकी हैसियत ऐसे आयोजनों को देखने लायक क्यूं नहीं है?
रेस को हाई-प्रोफाइल बनाने वालों का तर्क है कि सफल आयोजन के कारण दुनिया के तमाम देशों का भारत के प्रति नजरिया बदल गया है। दुनिया के सत्तर करोड़ लोगों ने इस आयोजन को देखा, जिससे भारत की दुनिया में धाक जम गयी है। कुछ लोग कह रहे हैं कि दुनिया को यह संदेश गया है कि भारत भी आर्थिक संपन्न देशों से किसी मामले में पीछे नहीं है, तो कुछ लोग कह रहे हैं कि आयोजन का सफल होना भारत की प्रगति को दर्शाता है, पर यह कोई नहीं कह रहा कि चालीस हजार रुपये खर्च कर कितने लोग पॉप सिंगर लेडी गागा को निहार सकते हैं या इस आयोजन की सफलता से हुए मुनाफे से कितने लोगों को दवा, बीज, रोटी, पानी, कपड़ा, शिक्षा और मकान मिलने वाला है?
खैर, यह विषय अलग है, फिलहाल सवाल यह उठ रहा है कि मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनबाये जा रहे पार्कों और मूर्तियों को लेकर उनकी रात-दिन आलोचना करने वाले यह क्यूं नहीं कह रहे कि मायावती द्वारा बनाये गये बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट और उस क्षेत्र की सुंदरता के कारण ही यह आयोजन नोयडा में किया गया, वरना दिल्ली-मुंबई वाले कब चाहेंगे कि ऐसा कोई आयोजन दिल्ली-मुंबई से बाहर आयोजित हो, साथ ही हरियाणा या पंजाब ऐसे आयोजन का लाभ क्यूं नहीं लेना चाहेंगे?
उत्तर प्रदेश की सरजमीं पर हुये हाई-प्रोफाइल फार्मूला-वन के आयोजन और आयोजन की खुल कर हृदय से तारीफ करने वाले लोग मुख्यमंत्री मायावती की चर्चा तक नहीं कर रहे हैं, जबकि यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री मायावती ने नोयडा में विकास या सुंदरता के नाम पर जो धन खर्च किया है, उसी के चलते यह आयोजन नोयडा में रखा गया, तभी देश और देश के बाहर इतना पसंद किया गया। हालांकि इस खेल के पीछे भी कई तरह के खेल होने की संभावनायें व्यक्त की जा रही हैं। एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए कुख्यात हो चुके मुख्यमंत्री मायावती के खास जयप्रकाश का आयोजक होना, नोयडा में ही आयोजन रखना और राजनेताओं में मुख्यमंत्री मायावती को वरीयता देना भी आम आदमी की समझ से बाहर की बातें हैं, जो जांच का विषय हो सकती हैं, पर बात फिलहाल सफल आयोजन और उसका श्रेय देने की है, तो उसकी मुख्यमंत्री मायावती भी बराबर की हकदार हैं, जिसे स्वीकार न करने का कोई औचित्य नज़र नहीं आ रहा है।